मूर्ति में करीब सौ किलो दाल खर्च हो रही है. चूहा, हंस, सांप से लेकर राक्षस की मूर्ति भी दाल से ही बन रही है. मद्धेशिया ने कहा कि ईको फ्रेंडली प्रतिमाएं वैसे तो काफी पहले से बन रही हैं, लेकिन, इस बार यह प्रतिमा मां दुर्गा के भक्तों के लिए आकर्षण का केन्द्र होगी.from Latest News उत्तर प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2yjcB9w
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