खुद को ट्रेडर दिखाकर विकल्प जैन लंबे समय से माल को गंतव्य तक भेजने का काम करता था और इसके लिए वह फर्जी कंपनियों के फर्जी ई-बिल बनाता था. जीएसटी लागू होने से पहले विकल्प जैन व्यापार कर से जुड़े अभिलेख भी बनाया करता था.from Latest News उत्तर प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2yc6weY
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