दरअसल मामला तब सामने आया जब पेशे से ब्लड बैंक मैनेजर ने दावा किया कि आरोपियों की सूची में उसकी तस्वीर लगा दी गई है. उसने मेरठ में एडीजी प्रशांत कुमार के ऑफिस पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की और अपराधियों के पोस्टर से अपना नाम हटाए जाने की मांग की.from Latest News उत्तर प्रदेश News18 हिंदी https://ift.tt/2LmpcxO
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